मुझमें ही बसा करते हो…

तुम, जो मेरे अंदर बसा करते हो जाने क्या क्या खेल रचा करते हो कभी फूल तो कभी इत्र बनकर मेरी हर सांस में महकते हो.. तुम, जो मेरे अंदर बसा करते हो… गर्मियों की चाँद रात हो, या जाड़े की नर्म सुबह.. सावन की रिमझिम फुहार हो, या पतझड़ के रंगों सी धरा.. हर मौसम में एक नया सा

Read More »
maple leaves

सवेरे ही खो गए…

शौक जीने का रख के निकले थे जो घर से, रास्ते में दो पल उनसे मिले, शौक़ीन हो गए चूज़े के उड़ने को आसमान क्या दिखाया, पंछी बनते ही घोंसलों से उड़ गए एक पल जिनके बिना सांस भी ना आती थी, किसी और के हो कर जीता छोड़ गए जो आंख के आँसू को मोती थे कहते, कोरों में

Read More »
relationship

मां

स्मिता आज मैं खाना अगर बाहर खा लूँ तो तुम मुझे घर तो आने दोगी ना ! अच्छा जी , वो तो मैं जानती ही हूँ, दोस्तों के बीच में बीवी की याद तो नहीं आ रही होगी , लेकिन नौटंकी करना नहीं छोड़ोगे तुम| आज्ञा तो ऐसे मांग रहे हो जैसे मेरे बिना कुछ करते ही नहीं हो, जाओ

Read More »

कल कुछ यूँ होगा…

कल कुछ यूँ होगा, कि हम जुदा हो जाएंगे, चाहें या नहीं, बस हमारे कहाँ चल पाएंगे, जब होगा कुछ यूँ, कि तुम हमें, और हम तुम्हें रोक ना पाएंगे, आंसू भी कहाँ पूरी तरह बह पाएंगे, ये सच है कि हमेशा कुछ नहीं रहता, पर सच तो ये भी है, कि हमारे निशां सदा को रह जाएंगे। खट्टी मीठी

Read More »

कल कभी नहीं आता…

कल, कभी नहीं आता, जो आता है वो है आज आज जाने दे, कल बहुत सारा समय दूँगा, माफ कर दो, आज काम ज़्यादा था, आ नहीं पाया, लेकिन कल… कल पक्का आऊंगा, कुछ अपनी कहूँगा, कुछ तुम्हारी सुनूँगा, आज, फिर तुम्हारा कल आया था, तुम्हारा इंतज़ार कर, बीता हुआ कल हो गया। कल, कभी नहीं आता, जो आज छोड़

Read More »

स्टेपनी

सुनो, तुमने कभी गाड़ी की स्टेपनी को गौर से देखा है? कभी सोचा है कि क्या सोचती होगी वो पीछे बैठे बैठे? कहने को तो वो आम पहियों की तरह ही एक पहिया है, उसमें भी हवा का दबाव आम पहियों की तरह ही है तुम उसका भी उतना ही ख्याल रखते हो जितना बाकी पहियों का लेकिन कभी सोचा

Read More »
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp