कल कुछ यूँ होगा…

Nandini/ July 29, 2020/ Love, कविता/Poetry/ 10 comments

कल कुछ यूँ होगा, कि हम जुदा हो जाएंगे, चाहें या नहीं, बस हमारे कहाँ चल पाएंगे, जब होगा कुछ यूँ, कि तुम हमें, और हम तुम्हें रोक ना पाएंगे, आंसू भी कहाँ पूरी तरह बह पाएंगे, ये सच है कि हमेशा कुछ नहीं रहता, पर सच तो ये भी है, कि हमारे निशां सदा को रह जाएंगे। खट्टी मीठी

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कल कभी नहीं आता…

Nandini/ July 10, 2020/ कविता/Poetry/ 9 comments

कल, कभी नहीं आता, जो आता है वो है आज आज जाने दे, कल बहुत सारा समय दूँगा, माफ कर दो, आज काम ज़्यादा था, आ नहीं पाया, लेकिन कल… कल पक्का आऊंगा, कुछ अपनी कहूँगा, कुछ तुम्हारी सुनूँगा, आज, फिर तुम्हारा कल आया था, तुम्हारा इंतज़ार कर, बीता हुआ कल हो गया। कल, कभी नहीं आता, जो आज छोड़

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मैं संभल गई

Nandini/ June 25, 2020/ कविता/Poetry/ 2 comments

सुनो, मत आओ यूँ मेरे पास,अब मैं संभल चुकी हूँतुम्हारे हर एहसास, हर बात सेअब मैं संभल चुकी हूँ,अंधेरों से उजाले का सफर तय कर चुकी हूँदेखो, कि मैं संभल चुकी हूँ।उन खोखले अल्फाजों का अब,कोई असर ना मुझपर होगा,भूलना तो कभी तुम्हें चाहा ही नहीं पर,अब मेरी राह का हमसफ़र ना तू होगा,तुम करोगे सवाल,कि क्यों मैं बावली सी

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मैं तैनूं फेर मिलांगी…..

Nandini/ June 24, 2020/ कविता/Poetry/ 0 comments

प्यार में डूबे हर दिल ने कभी ना कभी अपने प्रेम को छोड़कर कहीं दूर जाते हुए तसल्ली के ये चार लफ्ज़ ज़रूर कहे होंगे। और कहें भी क्यों ना, किसे भाता है अपने प्यार से दूर जाना ? कौन चाहता है कि वो उस एक व्यक्ति से जुदा हो जाए, जिससे वो शायद दुनिया में सबसे ज़्यादा प्यार करता

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प्यार दोनों ने किया था गर

Nandini/ June 23, 2020/ Love, कविता/Poetry/ 3 comments

प्यार दोनों ने किया था गरसज़ा फिर क्यों, बस मुझे मिलीसाथ चलने का वादा दोनों का था,महफ़िल बस क्यों तुझे मिलीमैं स्याह रात सी काली,तुम जुगनू बन चमकते रहेमैं पत्त्ते पर पड़ी बूंद ओस की,तुम सूरज बन दमकते रहेमैं जाड़े की अलसाई धूप,तुम जेठ की तरह अड़े रहेमैं सावन की रिमझिम फुहार,तुम तूफानों सा रुख लिए रहेमैं बासन्ती रंगों में

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