यूँही कह दिया था तुमने

Nandini/ June 24, 2020/ कविता/Poetry/ 0 comments

यूँही कह दिया था तुमने इस बार मिलेंगे हमखोखले दिल में अरमानों का, इक रंग भरेंगे हम ना जाने कितनी बातें, हर रोज़ मैं खुद से करतीअपने दिल के सारे राज़, तुम्हीं से साँझा करती सोचा था, उस मंदिर ले जाउंगी तुम्हें,स्कूल से भाग कर जहाँ, घंटों बैठा करती थीउन गलियों से गुज़रूँगी तुम्हारे साथ,जहाँ बचपन की यादों ने घर

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